परिचय

युवा क्रांति मोर्चा के बारे में

नेता नहीं, अब हम खुद। YKM बिहार का एक युवा-नेतृत्व वाला राजनीतिक आंदोलन है जो पाँच स्तंभों — रोज़गार, परीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वाभिमान — पर काम करता है, और अपने हर वादे को सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड से मापता है।

हम क्यों बने

बिहार का हर तीसरा परिवार बहुआयामी गरीबी में है, प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की लगभग एक-तिहाई है, और लाखों नौजवान हर साल काम की तलाश में राज्य छोड़ते हैं। युवा क्रांति मोर्चा (YKM) इसी हक़ीक़त से पैदा हुआ — किसी नेता के नाम पर नहीं, बल्कि उन छात्रों, अभ्यर्थियों, किसानों और प्रवासी मज़दूरों की साझा शिकायत पर, जिनके लिए राजनीति अब तक तमाशा रही है।

हम एक आंदोलन हैं, चुनावी मशीन नहीं। हमारा दावा सरल है: सार्वजनिक पैसा, सार्वजनिक परीक्षा और सार्वजनिक सेवाएँ सार्वजनिक रूप से जाँची जानी चाहिए। इसलिए हमारा हर वादा एक तारीख़, एक संख्या और एक रिपोर्ट कार्ड के साथ आता है।

पाँच स्तंभ

YKM का पूरा कार्यक्रम पाँच स्तंभों पर टिका है, और हर स्तंभ का एक मापने योग्य लक्ष्य है।

  • रोज़गार क्रांति — राज्य के भीतर आजीविका: सूक्ष्म उद्यम, कौशल केंद्र और स्थानीय खरीद नीति, ताकि पलायन मजबूरी न रहे।
  • परीक्षा क्रांति — पेपर लीक पर ज़ीरो टॉलरेंस, समयबद्ध कैलेंडर, और हर परीक्षा की सार्वजनिक ट्रैकिंग (हमारा एग्ज़ाम ट्रैकर इसी का हिस्सा है)।
  • शिक्षा क्रांति — रिक्त शिक्षक पद भरना, स्कूल-कॉलेज में बुनियादी ढाँचा, और सीखने के नतीजों की स्वतंत्र जाँच।
  • स्वास्थ्य क्रांति — प्रखंड स्तर पर भरोसेमंद प्राथमिक स्वास्थ्य, दवाओं की उपलब्धता और आपात सेवा का प्रतिक्रिया समय।
  • स्वाभिमान क्रांति — पहचान की राजनीति से ऊपर उठकर बिहारी गरिमा, प्रवासी मज़दूरों के अधिकार और साफ़-सुथरी उम्मीदवार सूची।

हम कैसे काम करते हैं

संगठन बूथ से शुरू होता है। हर बूथ पर एक स्वयंसेवी टीम, हर पंचायत पर एक संयोजक, और हर ज़िले में एक खुली मासिक बैठक — जिसका एजेंडा और खर्च दोनों सार्वजनिक होते हैं। सदस्यता ₹51 है ताकि कोई भी शामिल हो सके और कोई भी हमें खरीद न सके।

फ़ैसले बंद कमरों में नहीं होते। उम्मीदवारी, गठबंधन और खर्च से जुड़े बड़े फ़ैसलों पर सदस्यों की राय ली जाती है, और ₹20,000 से ऊपर का हर दान दानदाता के नाम के साथ प्रकाशित किया जाता है।

2035 तक की यात्रा

हमारा रास्ता लंबा है और हम इसे छिपाते नहीं: पहले बूथ-स्तरीय संगठन और नागरिक ऑडिट, फिर स्थानीय निकाय, फिर विधानसभा। हर चरण के अंत में हम बताते हैं कि क्या हुआ, क्या नहीं हुआ और क्यों नहीं हुआ।

अगर आप बिहार से हैं या बिहार के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो जुड़ने का सबसे आसान तरीका सदस्य बनना और अपने बूथ की जानकारी साझा करना है।

क्रांति दर्शक नहीं माँगती, साथी माँगती है।

आंदोलन से जुड़ें